चैत्र शुक्ल प्रतिपदा आई
वन्दनवार सजाओ
कोयल के कूक पंचम में
सूर से सूर मिलाओ
श्रीखंड का स्वाद लो
और चैती गुनगुनाओ
स्वप्नों की टोकरी में
एक नया स्वप्न सजाओ
रह गए है जो अधूरे
संकल्प फिर दोहराओ
ग़मों के पार जाओ
खुशियाँ अपनाओ
प्यार की मिठाइयाँ बांटो
नूतन वर्ष मनाओ
-शुभकामनायें ! गुडी पाडवा 2010
सलिल दाते
9425346188


आपको नव संवत्सर की मांगलिक शुभकामनाएँ.
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