Monday, March 15, 2010

गुडी पाडवा 2010

चैत्र शुक्ल प्रतिपदा आई
वन्दनवार सजाओ
कोयल के कूक पंचम में
सूर से सूर मिलाओ
श्रीखंड का स्वाद लो
और चैती गुनगुनाओ
स्वप्नों की टोकरी में
एक नया स्वप्न सजाओ
रह गए है जो अधूरे
संकल्प फिर दोहराओ
ग़मों के पार जाओ
खुशियाँ अपनाओ
प्यार की मिठाइयाँ बांटो
नूतन वर्ष मनाओ

-शुभकामनायें ! गुडी पाडवा 2010
सलिल दाते
9425346188

Saturday, March 13, 2010

सुगंध और स्वाद की पराकाष्ठा

अभी कुछ दिन पहले अख़बार में एक विज्ञापन देखने को मिला,
चार पांच तश्तरियों में सजे हुए बनाना [केला ] स्ट्राबेरी,वेनीला
आदि के फोटोग्राफ थे.जो आकर्षित कर रहे थे . लेकिन यह क्या ?
विज्ञापन एक गर्भ निरोधक बनाने वाली कंपनी का था.
यह क्या हो रहा है . सुगंध की आड़ में दुर्गन्ध फ़ैलाने की साजिश ?
विज्ञापनों के जरिये आदमी को ललचाना ,भटकाना और ठगना एक
आम बात हो गयी है. हमारे यहाँ समस्या से निपटने के लिए ज्यादा
से ज्यादा हम चक्का जाम करते है ,रैली निकालते हैं ,या फिर
मंत्री को ज्ञापन दे आते हैं .
सिर्फ इससे काम नहीं बनेगा , यह हमारी संस्कृति की रक्षा का सवाल है,
हमें अन्दर से अपनी समझ को विकसित करना होगा .समस्या का मूल
कहीं अपने अन्दर ही है . निश्चित ही यह हमारी प्रकृति नहीं सिर्फ
विकृति है जिस पर हम एक न एक दिन जरूर काबू पा लेंगे

Thursday, March 4, 2010

रंग सुरों के ......

बना बांसुरी की पिचकारी ,
मृदंग से लेकर लयकारी ,
सप्त सुरों के रंग घोलकर ,
मारी ,
शुभकामनायें ढेर सारी
happy holi & रंगपंचमी
----सलिल दाते

Monday, November 2, 2009

इ भाई-दूज...

इ भाई-दूज
दीपावली के त्यौहार पर अब वो उल्लास नजर नहीं आता .लोग मनाते है पर एकाकी से .
कहीं कहीं परिवारों ,मोहल्लो में सामूहिक दिपावली मिलन होते हैं परंतु वे सब साथ रहकर भी अलग अलग
से प्रतीत होते हैं डी.बड़ों को धोक देना भी महज एक औपचारिकता सी रह गई है .
जाने-अनजाने संबंधों में पनपी छेटीयां धीरे धीरे दरारों में परिवर्तित हो रही है .
समय बदल रहा है .व्यस्तताएं बढ़ रही है .संबंधों की मिठास पर भी शायद महंगाई का
ग्रहण लग गया है और इस बार मन के भावो में भी मंदी का असर कुछ ज्यादा ही
नजर आया .बहनों के sms मिले भाई-दूज पर .उनका नेक कुरियर से रवाना किया .
मोबाईल on किया ,सर पर दो बार घुमा कर आरती उतारी ,गली के हलवाई की बेस्वाद
मिठाई मुह में डाली और मनाली इ भाई -दूज

.आस्तिकता ....

नास्तिक तो मैं बिलकुल नहीं ,बल्कि परम आस्तिक हूँ . हाँ ! दिखावा जरूर पसंद नहीं .
आजकल परिवार वाले ,मित्र सभी हंसते हैं ,की मैंने भगवान् को कभी अगरबत्ती नहीं लगाईं
परन्तु शाम होते ही रोज नियम से मच्छरों के लिए अगरबत्ती जरूर लगा देता हूँ .
शायद पुरे प्रदेश में फैले हुए मलेरिया तथा डेंगू के दर से .
सोचता हूँ कण कण मे भगवान ! आखिर मच्छरों में भी तो वे ही बसते हैं

Monday, September 7, 2009

भारत की बदलती तस्वीर

हम सब जानते हैं की हमारे देश भारत का नाम प्राचीन काल के एक महा पराक्रमी राजा भरत के नाम से ही ' भारत ' कहलाया
लेकिन पिछली कई शताब्दियों से हमारे नैतिक मूल्यों में लगातार गिरावट आ रही है.इन दिनों लगने लगा है की भारत शब्द के मायने बदल रहे हैं .भ - रत याने भ्रष्टाचार में रत .
यह भारत शब्द का असली रूप नहीं है.पहले के राजा अपनी वीरता और साहस के बल पर दुश्मनों के किले जीतकर चक्रवर्ती कहलाते थे ,आज हम दुसरों की जेबें काटकर अपने लिये बड़े -बड़े किले नुमा घर बनाने में लगे है.
भ्रष्टाचार तथा रिश्वतखोरी से कौन कितना माल अपने किले में जमा करता है यही पराक्रम की परिभाषा बन गई है.
यह दुसरे का माल हड़पने का क्रम [पराक्रम ] यूहीं चलता रहा तो भारत को पतन की राह से रोकना कितना मुश्किल होगा.
जाहीर है इसके लिए नया खून,नई उमंगें, नई जवानी चाहिए
देश का युवा ताकतवर, सहनशील, और संवेदनशील होना चाहिए.युवा की वायु जैसी ताकत और प्रसार शक्ति से हमें मजबूत भारत खडा करना है. इसके लिए एकजुट होने की जरूरत है. क्यों न खुद से ही और आज से ही शुरू करें ?

Sunday, August 30, 2009

ek kavita

पत्नी के जन्म दिन पर हार्दिक शुभकामनाएँ
एक कविता

जिसके साथ मैं अपने दुःख -दर्द बाँट सकता हूँ
जिसके साथ मैं ख़ुशी -प्यार बाँट सकता हूँ
जिस पर मैं गुस्सा निकाल सकता हूँ
जिस पर मैं बिगड़ सकता हूँ
जिस के सामने मैं सारे मुखौटे उतार फेंकता हूँ
जिसके साथ मैं जैसा हूँ ,वैसा ही होता हूँ
जिस पर मैं सब कुछ वार सकता हूँ
जिस पर अपनी सारी जिम्मेदारीयां डालकर
चैन की नींद सो सकता हूँ
जिसकी अचल नींव पर मैं अपनी भाग-दौड़ के
सारे कलश रख सकता हूँ
जिस पर मैं विश्वास कर सकता हूँ
जिसके साथ मैं अर्थ-परमार्थ दोनों स्थलों की
यात्राएं कर सकता हूँ
जिसके बिना जीवन बेकार है
जिसके बिना नीरस संसार है
जिससे हमारे कुल का विस्तार है
जिसके कारण हमारा घर ,घर है
जिस पर मुझे गर्व है

ऐसी मेरी सहचरी ,सखी,पत्नी को
जन्म दिन की शुभकामनाएँ .